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  1. Ask one Question (like when will you get married, about your marriage life, etc.)
  2. Handmade Tewa (just like Astrological Kundli)
  3. Astrological Solution (Dosha Upay, Puja or Gemstone Suggestion)
  4. Report availability: (Hindi and English)
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एस्ट्रोलॉजी फॉर मैरिज - astrology for marriage

एस्ट्रोलॉजी फॉर मैरिज - astrology for marriage

कुंडली में शादी की भविष्यवाणी के अनुसार सातवें घर को शादी का घर माना जाता है। जो पत्नी साझेदारी में काम करने के लिए होता है। यह भाव आप के पति और पत्नी के बीच विवाह के इस संबंध से जानकारी प्रदान करता है कि दोनों के बीच संबंध कैसा है। इस भाव को कलातर भाव माना जाता है। विवाह और शादी का समय के बल सातवें घर से ही निर्धारित किया जाता है। दूसरा घर पारिवारिक घर है इसलिए जब भी कोई विवाह होता है परिवार में एक परिवार का सदस्य बढ़ता है इसलिए यह घर भी शादी के लिए यह महत्वपूर्ण होता है। ग्याहरवें सदन की इच्छा व्यक्ति की इच्छा को पूरा करने की है। इसलिए एस्ट्रोलॉजी फॉर मैरिज मे वह ग्रह ज्योतिष शादी के घर के रूप में भी देखा जाता है।

प्रथम हाऊस - यह कुंडली के जन्म कुंडली में यह सबसे महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति है। व्यक्ति द्वारा हर तरह की खुषी जैसे शादी रोजगार आदि व्यक्ति द्वारा आनन्द लिया जाता है। जिस व्यक्ति की भावना से जुड़े हर तरह के सुख दुख को प्राप्त करने और परिणामों को अपने व्यक्ति जो आप में जिन्दगी से जुड़ा है तो उस व्यक्ति को संबंध कल्चर भाव से है, तो व्यक्ति की पत्नी की खुषी प्राप्ति करनी होगी।

एस्ट्रोलॉजी फॉर मैरिज - शादी की भविष्यवाणियों पर हम आपको यह बतायेंगे कि विवाह के समय को जानने से पहले शादी योग कुंडली में है या नहीं यह जानना जरूरी है। यदि कुंडली में शादी का योग है तो आपका निष्चित रूप से विवाह होता है। यह जानने के लिए हमें जन्म कुंडली में निम्नलिखित योग देखना चाहिए।

  • यदि शुभ ग्रह जैसे गुरू शुक्र की दृष्टि होती है तो निष्चित रूप से यह विवाह योग है।
  • सप्तमेष भाव मालिक या लग्नेष सप्तम में है फिर यह शादी का योग है।
  • सातवें घर का मालिक केंद्र त्रिकोण में स्थित है।
  • सप्तमेष ग्याहरवें भाव में है फिर शादी होती है।
  • सातवीं घर का असर ग्रह पर एक अषुभ दृष्य या यूटीआई नहीं है। शुद्र और द्वन्द या त्रिभुज में स्थित है।
  • सप्तमेष आगे बढ़ रहा है और योगेष को लग्न में बना रहा है।
  • अगर नवमेष सप्तमेष नवम भाव में है तो शादी के योग वहां है।