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मैरिज योग | मैरिज योग इन कुंडली | marriage yog in kundli

मैरिज योग | मैरिज योग इन कुंडली | marriage yog in kundli
कुंडली के अनुसार किसी भी व्यक्ती के होरोस्कोप में ब्रहस्पति का मुख्य रोल होता है, यदि ब्रस्पति पांचवे स्थान पर हो तो उस व्यक्ति के मैरिज के प्रबल योग होते है  इसी प्रकार यदि ब्रस्पति की महादशा चल रही होती है तो मैरिज योग के ज्यादा चांस होते है ।

इसी प्रकार यदि कुंडली में ब्रस्पति आठवे स्थान पर विराजमान हो तो उस वर्ष भी उस व्यक्ती की शादी के प्रबल योग बनाता है । वीनस, मून तथा बुद्ध, जुपिटर के साथ मैरिज योग में एक महतपूर्ण स्थान रखते है। यदि इन ग्रहो द्वारा पांचवा भाव देखा जा रहा है तो यह शादी के योग बनाते है

मैरिज योगमें बाधक तत्व :-
पंचम के समय यदि जुपिटर को सूर्य द्वारा देखा जा रहा है लेकिन उसी समय यदि यह आठवे स्थान पर बैठा हो तो यह नकारात्मक मैरिज योग बनाता है । ये रिलेशनशिप को खराब कर देता है तथा लाइफ में रुकावट उत्पन कर देता है । ऐसा देखा गया है कि सब कुछ सही चलने के बावजूद भी रिलेशनशिप में तालमेल नही बन पाता । इसी प्रकार यदि पाचवे भाव में शनी , राहु या केतु विधमान है तो ये भी मैरिज योग को प्रभावित करते है ।

कुंडली में मैरिज योगको प्रबल बनाने के लिए मैरिज एस्ट्रोलॉजी द्वारा दी गई सलाह (मैरिज योग इन कुंडली):- पूर्व में ही आपको बता दिया गया है की कोनसे ग्रह या ग्रहो की इस्थतीमैरिज योग में सहायक है अथवा बाधक है । यदि आपकी ग्रहो की स्थिती आपके कुंडली के अनुकूल न हो तो व्यक्ति के मन में सबसे पहले यदि प्रश्न उठता है कि अब क्या करना चाहिए ? उदहारण के रूप में यदि जुपिटर की स्थिती कुंडली में कमजोर बनी हुई है तथा इसके कारण आपकी मैरिज में बाधा उत्पन हो रही है तो सबसे पहले आपको जुपिटर को शांत करने का प्रयास करना चाहिए तथाजुपिटर की पूजा करने चाहिए । इसके लिए ब्रहस्पतिवॉर के दिन आपको ब्रहस्पति की पूजा करने चाहिए तथा पीली वस्तुए उन्हे अर्पित करनी चाहिए जैसे पीले पुष्प,पीली मिठाई आदि। इसी प्रकार यदि संभव हो तो उस दिन पीले वस्त्र धारण करने चाहिए।

रत्नो द्वारा भी ग्रहो को अपने पक्ष में किया जा सकता है । इसके लिए आप हमारी वेबसाइट से रत्नो की सलाह ले सकते है । इसी प्रकार शिव पारवती की पूजा करने से भी शीग्रह परिणाम प्राप्त होते है । इसी प्रकार आप मैरिज योग एस्ट्रोलॉजी की सलाह भी ले सकते है जो की आपकी कुंडली के अनुसार आपके मार्ग़ को पथ परदर्शित करता है बल्कि आपके मार्ग़ में आने वाली बाधाओं को दूर करने के उपाय भी बतता है।